काटमुंडू भूत होते क्या है ? इनसे कैसे आप बच सकते हैं Real Horror Story in Hindi

अभी कुच्छी दिन पहले Netflix के बहुत ही कमाल की Web series रिलीज हुई जिस Web series का नाम था TOOTH PARI फिर भी लोगो ने देखकर कहे की उस Web series में बहुत सारी जो ताकते हैं ना सक्तिया हैं ना मतलब सैतन हैं ना उनके असली नाम नही बताए गय मतलब कुछ ऐसे वैसी Carecter बताए गए जो रियल Life में अग्जिस नही करते लेकिन नही दोस्तों हैरान कर देने वाले बहुत ही ज्यादा खौफनाक से अनोखे एपिसोड में मैं आप सभी लोगो के साथ में उसी Web series में बताए गए एक एसी सकती की भूतिया घटना की कहानी लेकर आ गया हूं

काटमुंडू भूत होते क्या है ? इनसे कैसे आप बच सकते हैं Real Horror Story in Hindi

जिसे सुनकर आप लोग चैक उठेंगे ये कहानी है काटमुंडू की काटमुंडूस का वर्णन कई बार कई जगहों पर मिली हैं लेकिन ये होते क्या है सुनने में बहुत अजीब नाम काटमुंडू लेकिन नही ये बहुत खैफनाक और बहुत ताकत सी चीज होते हैं ये आपको ऐसी हद तक पहुंचा सकते हैं की आपलोगो सोचे भी नहीं होगें आज की जो घटना हैं वह नीरज नाम के लड़के के साथ 2 साल पहले यह घटना घट चुकी हैं नीरज मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव आमगणी में रहता था बड़े

काटमुंडू भूत होते क्या है ? इनसे कैसे आप बच सकते हैं Real Horror Story in Hindi

अच्छे से अपने जीवन व्यतीत कर रहा था भाई ऐसा था की यह काफी समय से यह घर से बाहर निकला नही था पढ़ाई लिखाई में बहुत ज्यादा इलवर्ब रहता था पढ़ाई लिखाई करने का नीरज का बहुत ज्यादा सैख था घर से School School से घर इसका यही रूटीन था जब यह 14 साल का हुआ तब उसने सोचा अब में थोड़ा बड़ा हो गया हुं थोरा घूमने का अब मन कर रहा हैं होता है ऐसा की में भी घूमकर दुनिया देखू तो इसमें नीरज की गलती क्या हैं नीरज के कुछ दोस्त थे भाई नीरज के दोस्त जो की दिन दुनिया घूमे हुए थे नीरज उनसे बात करता हैं की अपने गांव में एक

मेला लगा हैं मैने बहुत सुना हुआ हुं मैने बहुत दिन से कही घूमने नही गया hu चले क्या तो दोस्त बोल रहे थे की नेकी और पूछ पूछ उस मेले में भी तो हमलोग भी नही गए हैं दर्सल यह मेला एग्जेस्ट इनके गांव में नही लगता था था मेला इनके गांव से चलके 3 किलो मीटर चलके दूसरा गांव आता था लगा लगा गांव कहते हैं ना वैसे गांव में लगा था जो की वह मेला बहुत ही ज्यादा फेमस था बहुत ज्यादा ये जो लड़के इनका जो Group था ना इनमे से कोई भी इंसान उस

मेला में नही गया था यह लगभग 8 से 10 लोगो का Group था इन लोगो ने डिसाईट कर लिया था की इस बार का मेला पड़ेगा तो पक्का घूमने जाएंगे आरे किस्मत इतनी अच्छी की मेला लगा Saturday को अरे मेला लगा Saturday को तो जाना तो पढ़ता है अगले दिन Sunday की छूटी मैसम था ठंठी का इन लोगो ने गरम गरम कपड़े डाले घर वालो को बताए और नीरज के घर वाले भी बहुत खुस थे चलो यार थोड़ा पढ़ाई वाढ़ाई से निकल कर थोड़ा बाहर खेले घूमने फिरने लोगो से मिले बोल चाल बढ़ाए कोई बचा दिनों रात किताब लेकर बैठा रहे ऐसा भी किसी को अच्छा नहीं लगता

हैं खैर नीरज के घर वाले एक बार में ही परमिशन दे दिए सोचा की आठ दस लड़के है तो कोई टेंशन ही नहीं मेले में जाने के लिए इन लोगो ने लगभग 6:30 निकल गए अब जैसा की मैने आप लोगो को बताए की थंठ का मौसम है तो आप लोग तो जानते ही होंगे की थंठ के मौसम में अधेरा बहुत जल्दी छा जाता हैं येलोगो सोचे की निकलेंगे ये ही कोई आधे घंटे में टाइम पास करते हुए पहुंच जायेंगे रिटन हो जाएंगे यही कोई 9:30 दस बजे के आस पास मेला चका चक बड़ा सा लगता हैं घूमेंगे फिरेगे मैज्ज मस्ती करेंगे 6:30 बजे के आस पास बच चित करते हुए 7:15 हो गए अभी तक इन्होंने अपने गांव से बाहर निकले हैं भाई येलोग 7 लोग इक्कठे हुए थे भाई 7 में 5 दोस्त एक दोस्त को लेने के लिए

काटमुंडू भूत होते क्या है ? इनसे कैसे आप बच सकते हैं Real Horror Story in Hindi

एक गली में रूक गए 2 दोस्त जो थे एक अपना नीरज और नीरज से छोटा एक उसका दोस्त जो की लगभा उससे 2 साल छोटा था ये दोनो थोड़े आगे बड़ गए 5 लोगो बाते कर रहे थे की ओभी दोस्त आ जाए अपने गली से तो हम सब साथ में ही निकलेंगे नीरज और नीरज के दोस्त जो थे वह नीरज के बहुत Close था 2 साल छोटा था येलोग निकल गए थोड़ा आगे की ओर रात का अधेरा था थोड़ी ही देर बाद लगभग 100 मीटर चलने के बाद ये लोग अपने गांव की सीमा को लांघ जाते है ये लोग सिमट्रिक जैसे कोमप्लिक रोड होता है ना कोमप्लिक रोड सुनसान था लेकिन दोनो

तरफ था खेत ये लोग पहली बार जा रहे थे लेकिन इन दोनो को इस रोड के बारे में पता था भाई उसी गांव के लड़के थे तो पता तो रहेगा ना भले ही ये लोग इस रास्ते पर कभी गए नही हो पता था ये रास्ता किस तरफ जाता हैं सीधा सीता रास्ता भी था तो कोई तकलीफ नहीं थी दोनो तरफ खेत थे स्क्रीन लाइट भी लगी हुई थी रात का अधेरा छा गया था ये दोनो आधा खेत वाले रास्ता क्रोस किए हुए थे तो नीरज की नाराज खेत की Right साइड वाले एरिया की ओर परती है Right साइड वाली एरिया कुछ डरावना सा लग रहा था वहा पर रोशनी नही पहुंच रही थी पता नही क्यों यार स्क्रीन

लाइट पास मेही था पर वहा पर लाइट नही पहुंच रही थी इस्टर्फ वाली एरिया के पास लाइट पहुंच रही थी पर वहा नही पता नही खैर खेत के पास मेर था आपको पता ही होगा खेत की मेर होती हैं वहा पर मेर थी वहा पर लगा हुआ था मेरवल के पास नीरज को कुछ खड़ा दिखाई दिया नीरज देख लिया वह अपने दोस्त से बोला वहा पर इतनी रात को कोन खड़ा होगा गांव में ऐसा हैं की भाई इतनी रात को वे वजह कोन खड़ा हैं तो खड़ा था नीरज ने बोला की कोन खड़ा हैं तो इन दोनो ने नोटिस किया अब अधेरा था ना अधेरा में आप जाओ देखो एक बार में किलियर दिखाई नहीं देता होता है एकचवाल में भाई बहुत अधेरा

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