दीपावली क्यों मनाए जाती है | दीपावली का इतिहास क्या है ?

दीपावली, जिसे हम दिवाली के नाम से भी जानते हैं, एक हिन्दू त्यौहार है जो पूरे भारत वर्ष में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस महत्वपूर्ण त्यौहार का मुख्य उद्देश्य क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है, इस पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे।

दीपावली का अर्थ

दीपावली शब्द संस्कृत भाषा का है और इसका शाब्दिक अर्थ है “दीपों की पंक्ति” या “दीपों का अद्भुत समूह”। इसमें ‘दीप’ या दीपक, एक प्रकार की रौशनी या दिया को दर्शाता है जो इस त्यौहार की प्रमुख शृंगारिक आधारभूतता है। दीपावली का मतलब होता है अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का एक रौशनी यात्रा, जिससे सारे अंधकार को दूर किया जा सकता है।

धार्मिक महत्व
दीपावली का अद्भुत धार्मिक महत्व है। इसे हिन्दू पंचांग के कारण विशेषकर अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम अयोध्या वापस लौटते हैं और उनके साथी लोगों ने अपने आगमन को रौशनी के द्वारा स्वागत किया था। इससे दीपावली को ‘रामायण का त्यौहार’ भी कहा जाता है।

आधुनिक दृष्टिकोण
दीपावली आधुनिक दृष्टिकोण से देखने पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्व साबित होता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाकर उन्हें दीपों से सजीव करते हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियाँ बांटते हैं। इसे ‘विजय’ और ‘शुभकामना’ का पर्व माना जाता है, जिसमें सभी अपने दिलों की बातें कहते हैं और एक दूसरे के साथ मित्रता और समर्थन का इजहार करते हैं।

दीपावली के उत्सव की तैयारी

इस महत्वपूर्ण त्यौहार के उत्सव की तैयारी लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरों को सजाने के लिए लोग नए कपड़े खरीदते हैं, घर को साफ-सुथरा रखने का प्रयास करते हैं और खासतर से बच्चों के साथियों के साथ नए और रोमांटिक रूप से डेकोरेटेड करते हैं। इससे महसूस होता है कि सभी तैयार हैं एक नए आरंभ के लिए और एक-दूसरे के साथ साझा करने के लिए।

दीपावली के दिन का आयोजन

दीपावली के दिन, लोगों के घरों में पूजा और आराधना होती है। भगवान गणेश और लक्ष्मी की पूजा होती है, जिससे लोग धन और समृद्धि की कामना करते हैं। इसके बाद, घर के सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ मिलकर परम्परागत रूप से दीपों को जलाते हैं और एक-दूसरे को बधाईयाँ देते हैं।

दीपावली का संदेश

दीपावली का संदेश है कि अंधकार से निकलकर प्रकाश की ओर बढ़ें, और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं। यह एक सामाजिक संदेश है कि हमें एक दूसरे के साथ मिलकर जीना चाहिए और एक अच्छे समृद्धि भरे समाज की दिशा में काम करना चाहिए।

इस प्रकार, दीपावली हमें जीवन में प्रकाश और आनंद की ओर मोड़ने का मौका देता है। इसे एक आत्मा निर्माण के पर्व के रूप में माना जा सकता है जो हमें अपने आत्मा को सुधारने और समृद्धि भरे जीवन की दिशा में बढ़ने का एक सुनहरा मौका प्रदान करता है।

निष्कर्ष
दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो हमें हमारे समृद्धि और सामाजिक संबंधों की महत्वपूर्णता को समझाता है। इसके माध्यम से हम अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होते हैं और एक एकजुट और समृद्धि भरे समाज की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।

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